इसके आगे तो कोई बात नहीं,
कर दिए आज ख़त्म सारे गिले,
रतजगे और एक रात नहीं,
उसकी खातिर तो जां भी हाज़िर है ,
चंद ख़्वाबों की कुछ बिसात नहीं ,
ये तरीका भी बेअसर ही रहा,
ग़म से राहत मिली निजात नहीं,
आपका साथ चाहिए था बस ,
छोड़िए खै़र ,कोई बात नहीं ।
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