गुरुवार, 3 अप्रैल 2025

राज़ दिल में दबा के रखियेगा,

राज़ दिल में दबा के रखियेगा,
जान लेते हैं जानने वाले,

कर के एहसान भूल जाया करें,
मान ही लेंगे मानने वाले,

कैसे कह दूॅं बुरी है ये दुनियाॅं,
कैसे कह दें ज़माने भर को बुरा,
हमने देखें है चाहने वाले,

आप खु़द पर यकीन करिए तो,
आइना ही हैं सामने वाले,

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