मंगलवार, 11 जुलाई 2023

छुपा के दर्द को जीना सभी को आता है

छुपा के दर्द को जीना सभी को आता है,
अजीब दौर है  हर  शख़्स मुस्कुराता है,

बड़े मुंसिफ़ थे ,नासेह थे ज़माने भर में,
आप अपने पे जो बीते समझ में आता है,

कभी नाराज़ हो जाए तो नज़रें फेर लेता था,
कि मिलता है वो अब जब भी गले लगाता है,

कभी मिल जायेगा यूॅंही तो इतना पूछेंगे,
क्या रूठता है वो अब भी,कोई मानता है, 

कोई रिश्ता तो नही है मगर हक़ है फिर भी,
अब आपको क्या बताएं  ये  कैसा  नाता है।

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