शनिवार, 23 सितंबर 2017

स्पंदन: अश्रु मेरे साथ हैं ...

स्पंदन: अश्रु मेरे साथ हैं ...: तुम  साथ  दो  न  दो , अश्रु  मेरे   साथ   हैं । वेदना  से  जब  कभी, व्यथित हुआ हृदय  मेरा, अस्तित्व ही बिखरने  लगा, आरोपों  के...

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कितनी शर्तों पे प्यार करते हो, यार तुम भी कमाल करते हो, आपके बाद किसको चाहेंगे, या ख़ुदा क्या सवाल करते हो, कहने आए थे ,कह लिया सबकुछ, अब क्...