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कितनी शर्तों पे प्यार करते हो,
कितनी शर्तों पे प्यार करते हो, यार तुम भी कमाल करते हो, आपके बाद किसको चाहेंगे, या ख़ुदा क्या सवाल करते हो, कहने आए थे ,कह लिया सबकुछ, अब क्...
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हम जिएं या न जिएं पल तो गुज़र जाते हैं , रेत की तरह हथेली से फिसल जाते हैं , दिल के एहसास को आवाज़ बनाते चलिये, वक्त के साये में में धूप से ...
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जीत जैसा खुश हो कोई जब हार के तक़रार में , तब समझ लीजेगा अब ये आदमी है प्यार में , अब तलक़ जो हैं मरासिम दांव पर लग जाएंगे, बस यही एक कश्मकश...
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तुम साथ दो न दो , अश्रु मेरे साथ हैं । वेदना से जब कभी, व्यथित हुआ हृदय मेरा, अस्तित्व ही बिखरने लगा, आरोपों के...
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