तो ये मुमकिन है कि ये दूरियां भी घटने लगे
अपने मतलब से मेरे खा़स हुआ करते थे
वही अहबाब मेरे मुझको बुरा कहने लगे
एक हम हैं जो मिटे जाते हैं उनकी खा़तिर
एक वो हैं कि हमें दुश्मन ए जां कहने लगे
गौहर ए अश्क़ जो सीने में सजो रखें थे
ग़ैर के ग़म का बहाना मिला बस बहने लगे