रविवार, 31 मई 2015

कीमत-ए- जिंदगी अदा कीजिए

कीमत- ए  -ज़िन्दगी   अदा   कीजे ,
दिल न चाहे  भी  तो  हँसा कीजे ,

आप   हैं   बेखबर   ज़माने  से ,
हँस के  सब से  न यूँ मिला कीजे,

लोग  अफ़साना   बना  देते  हैं,
बात दिल की  न यूँ कहा कीजे,

अब क्या हैं दोस्त  और क्या  दुश्मन ,
देखकर   सबको   मुस्कुरा   दीजे  ।

कितनी शर्तों पे प्यार करते हो,

कितनी शर्तों पे प्यार करते हो, यार तुम भी कमाल करते हो, आपके बाद किसको चाहेंगे, या ख़ुदा क्या सवाल करते हो, कहने आए थे ,कह लिया सबकुछ, अब क्...